नक्सल संगठन के ताबूत की आखिरी कील पापाराव,इसके बाद संगठन लगभग खत्म,

बस्तर। नक्सलवाद के खात्मे को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के द्वारा दी गई डेड लाइन अब बेहद नजदीक है, जनवरी का महीना खत्म होने को है, और 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के देश से पूर्ण रूप से खात्मे का दावा केंद्र के गृहमंत्री ने किया है।  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सलवाद के खिलाफ जारी किए गए अभियान का असर भी देखने को मिला है, बीते 2 सालों में नक्सलवाद को अब तक सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है, नक्सल संगठन के तमाम बड़े लीडर या तो मारे गए या उन्हें आत्म समर्पण करना पड़ा, अब केवल गिनती के नक्सली जंगलों में मौजूद है ,जिन्हें लीड भी चंद बचे हुए नक्सल नेता कर रहे है ,जिसमें सबसे बड़ा नाम है पापाराव जो कि बीजापुर जिले के नेशनल पार्क इलाके में सक्रिय रहा है, बीते दिनों यहां एक बड़ी मुठभेड़ हुई जिसमें 6 नक्सली मारे गए, लेकिन पापाराव एक बार फिर बच निकला, जवानों ने पापाराव की तलाश में दिन रात एक किया हुआ है, सूत्रों की माने तो पापाराव का खेल 31 जनवरी तक खत्म करने की तैयारी है। 

हिड़मा मारा गया ,देवा ने किया सरेंडर ,लड़ाकू दस्ता खत्म 

हिड़मा के मारे जाने और देवा के सरेंडर से नक्सलियों का सबसे बड़ा लड़ाकू दस्ता कंपनी नंबर 1 खत्म हो चुकी है, जिससे अब नक्सलियों के पास आमने सामने की लड़ाई लड़ने की न तो हिम्मत बची है ना ही साधन बचे है, हिड़मा को ही नक्सल संगठन सबसे बड़ा चेहरा मानता था और उसके दम पर बस्तर के जंगलों में नक्सलवाद को जिंदा रखने का दावा किया जा रहा था लेकिन उसे भी जवानों ने ढेर कर दिया,  हिड़मा की मौत के बाद उसके सबसे करीबी माने जाने वाले देवा जो कि कंपनी नंबर 1 का चीफ था उसने अपने साथियों के साथ सरेंडर कर दिया, जिसके बाद नक्सल संगठन बुरी तरह बिखर गया। 

कब तक लड़ेगा अकेला पापाराव ,इसके अलावा जो बचे वो लड़ने लायक नहीं बचे

सवाल यह है कि जब सारे बड़े लीडर मारे जा चुके है या सरेंडर कर चुके है तो अकेला पापाराव चंद नक्सलियों के सहारे आखिर कब तक नक्सलवाद की लड़ाई लड़ सकेगा। पुलिस ने उसे कई बार आत्म समर्पण करने का मौका दिया है लेकिन अब तक उसने सरेंडर नहीं किया जिसके बाद अब फोर्स उसे घेरने लगातार ऑपरेशन चला रही है, लेकिन दो बार वो बच निकला है, देखना ये होगा कि नक्सलवाद के ताबूत की आखिरी कील पापाराव के साथ  संगठन कब ताबूत में बंद किया जाता है। क्योंकि पापा राव के अलावा जो सीनियर लीडर बचे है वो उम्रदराज है और लड़ने योग्य नहीं बचे है ,इसलिए पुलिस का सबसे बड़ा टारगेट पापाराव ही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *