Tag: राजनीति

S.I.R. के आखिरी समय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को टारगेट करके नाम कटवाने आवेदन,वर्तमान और पूर्व पार्षद के परिवार के भी नाम,कांग्रेस बोली भाजपा की साज़िश,करेंगे F.I.R.
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S.I.R. के आखिरी समय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को टारगेट करके नाम कटवाने आवेदन,वर्तमान और पूर्व पार्षद के परिवार के भी नाम,कांग्रेस बोली भाजपा की साज़िश,करेंगे F.I.R.

कांकेर। SIR के अंतिम दौर में कांग्रेस ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर कांग्रेस समर्थित लोगों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के जबरन नाम काटने आवेदन लगाए जाने की शिकायत दर्ज करवाई है, कांग्रेस ने इस कांड के पीछे भाजपा के हाथ होने का गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करवाने की भी मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि शहर के ही महादेव वार्ड, शीतलापारा वार्ड समेत कई वार्ड में वर्षों से रह रहे लोगों को बाहरी बताकर उनके नाम काटने आवेदन दिए गए है, जबकि सभी के पास 2003 के रिकॉर्ड भी मौजूद है, जिनके नाम काटने आवेदन दिए गए है उनमें एक पूर्व पार्षद और एक वर्तमान पार्षद का परिवार भी शामिल है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बसंत यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग कांग्रेसियों को निशाना बनाकर उनके नाम कटवाना चाहते है, उन्होंने कहा कि भाजपा डरी हुई है बिहार की तर्ज पर यहां भी SIR का गलत इस्तेमा...
धर्मांतरण का असर अब मासूमों की शिक्षा पर ,आंगनबाड़ी सहायिका धर्मांतरित तो बच्चों को आंगनबाड़ी भेजना किया बंद,15 दिन से लटक रहा ताला
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धर्मांतरण का असर अब मासूमों की शिक्षा पर ,आंगनबाड़ी सहायिका धर्मांतरित तो बच्चों को आंगनबाड़ी भेजना किया बंद,15 दिन से लटक रहा ताला

कांकेर। धर्मांतरण का असर अब मासूम बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा में भी नजर आने लगा है, जिले के नरहरपुर ब्लॉक के रिसेवाड़ा पंचायत के आश्रित गांव भैंसमुंडी से एक ऐसा मामला सामने आया है,जिससे फिर धर्मांतरण की चिंगारी को हवा दे दी है। भैंसमुंडी गांव में संचालित आंगनबाड़ी की सहायिका के मूल धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म को अपनाने से नाराज ग्रामीणों ने बच्चों को आंगनबाड़ी भेजना बंद कर दिया है, जिससे 15 दिन से आंगनबाड़ी में ताला लटक रहा है। दरअसल आंगनबाड़ी सहायिका केसर नरेटी ने काफी पहले ही ईसाई धर्म को अपना लिया था, हाल ही में धर्मांतरण के लगातार तूल पकड़ते मामले के बीच ग्रामीणों ने सहायिका से मूल धर्म में वापसी की मांग की, लेकिन सहायिका ने इसे ठुकरा दिया, ग्रामीणों के अनुसार गांव में 6 परिवार ने ईसाई धर्म अपनाया था जिसमें 3 मूल धर्म में वापसी कर ली, लेकिन 3 परिवार अब तक वापस नहीं आया है, जिसको ...
धर्मांतरण के खेल में मानवता शर्मसार, 3 दिन तक शव का नहीं हो सका अंतिम संस्कार आखिर में भेजना पड़ा जिले से बाहर
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धर्मांतरण के खेल में मानवता शर्मसार, 3 दिन तक शव का नहीं हो सका अंतिम संस्कार आखिर में भेजना पड़ा जिले से बाहर

कांकेर। धर्मांतरित लोगों के मौत के बाद कफ़न दफन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, एक बार फिर धर्मांतरित युवक की मौत के बाद उसके कफ़न दफन को लेकर ग्रामीणों ने जमीन देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद 3 दिन तक युवक का कफ़न दफन का इंतज़ार करता रहा आखिर में उसे जिले से ही बाहर भेज दिया गया। मामला भानुप्रतापपुर क्षेत्र के कोड़ेकुर्से गांव का है जहां के निवासी युवक मनीष  निषाद की बीमारी के कारण 4 नवम्बर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद उसके परिजन शव को लेकर गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने धर्म परिवर्तन कर ईसाई समुदाय में जाने को लेकर गांव में कफ़न दफन से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद के बाद शव को परिजनों ने पुलिस की मदद से स्वास्थ्य केंद्र के मर्चुरी में रखवाया था, आज सुबह फिर ग्रामीणों की भीड़ थाना पहुंच गई जिसके बाद शव को चारामा भेजा गया लेकिन यहां भी हिन्दू संग...